पहचान के लिए🤔
जमाने के लिए ,
रंग दिखाने के लिए,
थोड़ा खुल तो लो ,
मैं पुरा खिल उठुंगी।
तुम भावों में बहों,
मै तुम में डूब उतर,
खोज लूंगी तूमें खुद में।
सोचे जाना और सोचने में अंतर होता है गहरा,
अंत होता है गहरा,
जरा ठहर तो जाओ ,
मेरी जान हो तुम,
मेरी पहचान हो तुम ।
तुम में मिलेंगे विरल,
जरा वक़्त तो आने दो।
होंगे उस वक्त जब एक सुर और एक स्वर ,
एक राग और एक अनुराग होगा,
राह खुद हो जाएगी सरल ,
जब तुम मेरे साथ होगे।
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...............by:- km mala......


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